LPG Gas New Rate : एलपीजी गैस सिलेंडर के दाम हमेशा से आम लोगों के लिए एक बड़ा मुद्दा रहे हैं, क्योंकि इसका सीधा असर हर घर के बजट पर पड़ता है। हाल ही में गैस सिलेंडर की कीमतों को लेकर काफी चर्चा हो रही है। कई लोगों को लगा कि शायद अब कीमतें कम हो गई होंगी, लेकिन ताजा जानकारी के मुताबिक फिलहाल किसी तरह का नया बदलाव नहीं हुआ है। हालांकि, बाजार की स्थिति को देखते हुए आने वाले समय में दाम ऊपर-नीचे हो सकते हैं, इसलिए अपडेट रहना जरूरी है।
महीने की शुरुआत में क्यों बढ़े थे दाम
अगर महीने की शुरुआत की बात करें तो उस समय गैस सिलेंडर के दाम में अच्छी-खासी बढ़ोतरी देखी गई थी। घरेलू उपयोग वाले 14.2 किलो के सिलेंडर की कीमत में करीब 60 रुपये की बढ़ोतरी हुई थी। वहीं 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर के दाम लगभग 144 रुपये तक बढ़ गए थे। इस बढ़ोतरी का असर खासतौर पर छोटे कारोबारियों, ढाबों और रेस्टोरेंट पर पड़ा, जहां गैस का इस्तेमाल ज्यादा होता है। यह बढ़ोतरी अचानक नहीं थी, बल्कि इसके पीछे अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती कीमतें और सप्लाई से जुड़ी दिक्कतें जिम्मेदार थीं।
बड़े शहरों में घरेलू गैस की कीमत
अब अगर अलग-अलग शहरों में घरेलू गैस की कीमत देखें तो इनमें थोड़ा फर्क देखने को मिलता है। दिल्ली में घरेलू सिलेंडर लगभग 913 रुपये में मिल रहा है, जबकि मुंबई में इसकी कीमत करीब 912.50 रुपये है। कोलकाता में यह करीब 939 रुपये तक पहुंच गया है और चेन्नई में लगभग 928.50 रुपये में मिल रहा है। इसके अलावा हैदराबाद में कीमत करीब 965 रुपये है, लखनऊ में 950.50 रुपये के आसपास और बेंगलुरु में लगभग 915.50 रुपये है। पटना की बात करें तो यहां घरेलू सिलेंडर की कीमत 1000 रुपये के पार यानी करीब 1002.50 रुपये तक पहुंच गई है, जो काफी ज्यादा मानी जाती है। इन कीमतों में अंतर का मुख्य कारण अलग-अलग राज्यों के टैक्स और ट्रांसपोर्ट खर्च होते हैं।
कमर्शियल सिलेंडर के दामों की स्थिति
कमर्शियल सिलेंडर के दाम भी कम दिलचस्प नहीं हैं, क्योंकि इनका सीधा असर बिजनेस पर पड़ता है। दिल्ली में 19 किलो वाला कमर्शियल सिलेंडर करीब 1884.50 रुपये में मिल रहा है, जबकि मुंबई में इसकी कीमत लगभग 1836 रुपये है। कोलकाता में यह 1988.50 रुपये तक पहुंच गया है और चेन्नई में करीब 2043.50 रुपये हो गया है। हैदराबाद में इसकी कीमत करीब 2007 रुपये है और बेंगलुरु में लगभग 1958 रुपये के आसपास है। पटना में तो यह कीमत 2133.50 रुपये तक पहुंच चुकी है, जो छोटे व्यापारियों के लिए चिंता का विषय बन गया है।
सप्लाई को लेकर सरकार का बयान
सरकार की तरफ से सप्लाई को लेकर फिलहाल राहत भरी खबर है। बताया गया है कि देश में गैस की कोई कमी नहीं है और लगभग 60 दिनों का स्टॉक उपलब्ध है। यानी आम लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। सरकार ने तेल कंपनियों को निर्देश दिए हैं कि सप्लाई को लगातार बनाए रखें और जरूरत पड़ने पर उत्पादन भी बढ़ाया जाए। इससे यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि किसी भी हालात में लोगों को गैस की कमी का सामना न करना पड़े।
कीमत बढ़ने के पीछे क्या कारण हैं
अगर कीमत बढ़ने के कारणों को समझें तो इसका सबसे बड़ा कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है, खासकर खाड़ी देशों से। ऐसे में वहां होने वाले बदलावों का सीधा असर भारत पर पड़ता है। जब वैश्विक स्तर पर कीमतें बढ़ती हैं या सप्लाई चेन में रुकावट आती है, तो यहां भी दाम बढ़ जाते हैं। हाल के समय में यही वजह रही है कि गैस की कीमतों में उछाल देखने को मिला।
बुकिंग की स्थिति अब सामान्य
कुछ समय पहले गैस की कीमतों को लेकर अफवाहें भी तेजी से फैली थीं, जिसके कारण लोगों ने पैनिक में आकर ज्यादा बुकिंग करनी शुरू कर दी थी। इससे गैस एजेंसियों पर अचानक दबाव बढ़ गया था। लेकिन अब स्थिति सामान्य हो चुकी है। लोग अब जरूरत के अनुसार ही गैस बुक कर रहे हैं, जिससे सप्लाई सिस्टम भी संतुलित बना हुआ है और वितरण प्रक्रिया में सुधार आया है।
Disclaimer :
यह लेख सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें बताई गई कीमतें अलग-अलग शहरों में टैक्स और अन्य कारणों से बदल सकती हैं। सटीक और ताजा जानकारी के लिए अपनी गैस एजेंसी या आधिकारिक स्रोत से पुष्टि जरूर करें। भविष्य में बाजार की स्थिति के अनुसार कीमतों में बदलाव संभव है।








